vishakhapatnams city vizag me L.G Polymersne bhopal gas kand ki yaad tazaa kar di

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आंध्रप्रदेश  के विशाखापटनम वायज़ेग के वेंकटपुरम  के आर आर पुरम की एल .जी. पॉलिमर कंपनी मे रात करीब ढाई बजे स्टाइरिन गैस लीक होने से लोग जहा थे वही बेहोश हो गए कुछ लोग सड़क पर भी बेहोशों की अवस्था मे मिले है । गैस लीक होने से  यहा वह लोग गिरने लगे कुछ की लाश सड़क पर तो कोई कुए मे तो कोई नाले किनारे मृत पाये गए इस तरह से कुल  11  व्यक्तियों की मृत्यु हो गयी है साथ कई पशु पक्षी भी इसगेस से आहात हुए हे सबसे ज्यादा नुकसान बुजुर्गो एवं बच्चो मे देखने को मिला है वही अस्थमा के मरीज को भी अस्पताल मे भर्ती करवाया गया है 3 से 4 किलोमीटर क्षेत्र मे फ़ेल जाने से लोगो को रेशेस आंखो मे जलन एवं सांस लेने मे तकलीफ हो रही है करीब 1000 लोगों को अस्पताल मे भर्ती कराया गया है । 100 नंबर से सूचना आने के तुरंत बाद सरकार एवं प्रशासन हरकत मे आया और डीसास्टर मेनेजमेंट ने 5 गाँव को खाली कराया है  । केंद्र सरकार भी हरकत मे आ गयी है और राज्य को यथा संभव मदद का एलान किया है गैस रिसाव पर काबू पाया गया है  ।जगन मोहन रेड्डी द्वारा घटना स्थल पर पहुचकर हॉस्पिटल मे भर्ती मरीजो से मुलाक़ात कर सहायता का आश्वासन पीड़ितो को दिया …

निर्भया के आरोपियों को 5:30 बजे तिहाड़ में हुई फांसी

16 दिसंबर 2012 की वो रात पूरी दिल्ली में रहने वाली तमाम उन लड़कियों के लिए दहशत की रात बन गई कुछ दरिंदों  ने हैवानियत की सभी हदें पार कर दी उस रात बस में सफर कर रही पैरामेडिकल की छात्रा निर्भया के साथ 5 आरोपियों ने बलात्कार किया हैवानियत की सभी हदें पार कर दी   इस पूरी घटना में निर्भया का दोस्त भी उसके साथ बस में सफ़र कर रहा था दोषियों ने उसके साथ मारपीट कर उसे बस से फेंक दिया आरोपियों ने निर्भया और उसके दोस्त को बस से कुचलने की भी कोशिश की लेकिन कोई भी उनकी मदद को आगे नहीं आया उसके बाद पुलिस ने दोनों को सफदरगंज अस्पताल में भर्ती कराया जहां पर निर्भया की तबियत और बिगड़ने लगी जिसके बाद निर्भया को सिंगापुर ले जाया गया जहां इलाज के दौरान निर्भया जिंदगी की जंग हार गई दिल्ली पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 2 दिन के भीतर ही मुजरिमों को गिरफ्तार कर लिया उस दिन से लेकर आज 7 साल 3 महीने 4 दिन बाद विनय मुकेश और पवन इन चारों आरोपियों को तमाम दया याचिकाओं को खारिज करते हुए मौत की सजा को बरकरार रखा 17 जनवरी 2013 को फास्ट ट्रैक कोर्ट  ने पांचों आरोपियों को मौत की सजा सुनाई थी 11 मार्च 2013 को एक आरोपी राम सिंह ने जेल में आत्महत्या कर ली  प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा एवं उनकी बेंच ने पुनः विचार याचिका  को खारिज करते हुए मौत की सजा को बरकरार रखा ।पटियाला हाउस कोर्ट एवं आईसीजे हम दया याचिकाओं को खारिज करते हुए मौत की सजा को यथावत रखा गया फांसी से पहले ना आरोपियों को नींद आई ना उनसे सुबह चाय पीते बना 20 मार्च 2020 को सुबह 5:30 बजे फांसी पर लटका दिया गया चारों दोषियों के शवों का पोस्टमार्टम डीडीयू अस्पताल में किया गया निर्भया की मां ने दोषियों को फांसी होने पर  न्यायालय पर पूरा भरोसा जताया आगे से किसी और लड़की के साथ ऐसा ना इसलिए कानून में बड़े बदलाव किए जाने चाहिए ऐसा निर्भया की मां का मानना है उनका कहना है कि वकीलों के द्वारा जो बार-बार रिव्यू पिटिशन डाली जाती है उससे दोषियों को वक्त मिल जाता है उनको कि उनका कहना है कि ज्यूडिशरी सिस्टम को रिफॉर्म करने की आवश्यकता है उनका मानना है कि बदल तो बहुत कुछ चुका है लेकिन व्यवस्था और बदली ऐसा प्रयास सरकार को करना चाहिए ।

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